Poetry in Hindi
ज़िन्दगी पल-पल ढलती है,
जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है…
शिकवे कितने भी हो हर पल,
फिर भी हँसते रहना…
क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है,
बस एक ही बार मिलती है।
_______Sssss__________
लौट जाता हु वापस घर की तरफ हर रोझ थका हारा................
आज तक समझ नही आया काम करने के लीये जीता हु या जीने के लीये काम करता हु....
बचपन मे सबसे अधीक बार पुछा गया सवाल था की बडे होके कया बनना हे...
जवाब आज मीला...
फीरसे बचा बनना हे........
थक गया हु ए झींदगी तेरी नोकरी से....
मुनासीब होगा मेरा हीसाब करदे....
दोसतो से बीछड कर ये हकीकत खुली....
बेशक कमीने थे पर रोनक उनही से थी...
भरी जेब से दुनिया की पहेचान करवाई और खाली जेब से अपनो की...
जब लगे पैैसे कमाने तो समझ आया की शौख तो मााँ- बाप के पैसो से पुरे होते थे. अपने पैसो से तो सीरफ जरुरते ही पुरी हो पाती है...
हसने की ईछा नाहो तो भी हसना पडता हे..
कोई जब पुछै कैसे हो तो मझे मे हु कहेना पडता है....
ये झींदगी का रंग मंच हे दोसतो यहा हर एक को नाटक करना पडता हे ....
मांचीस की जरुरत यहा नही पडती यहा आदमी आदमी से जलता है..
दुनीया के सबसे बडे साईंटीस ये ढुंढ रहे है की मंगल गरह बर जीवन है या नही ....
पर आदमी ये कयु नही ढुंढ रहा है की जीवन मे मंगल है या नही .............
मंदीर मे फुल चढाने आये तो ये एहसास हुआ की पथर को मनाने मे फुलो का कतल कर आये हम ....
गये थे गुनाहो की माफी मांगने वहा एक ओर गुनाह कर आये हम....
नींद और मौत मे कया फरक है......
कीसी ने कया खुबसुरत जवाब दीया है....
नींद आधी मौत है और मौत मुकमल नींद है.....
झींदगी तो अपने ही तरीके से चलती है...
औरो के सहारे तो जनाझे उठा कर ते है....
सुबह होती है शााम होती है...
उमर युं ही तमाम होती है...
कोइ रोकर दील बहला ता है
कोइ हसकर दरद छुपाता है
कया करामात है कुदरत की...
झींदा इंसान पानी मे डुबता है.... और
मुरदा तैर के दीखता है......
बस ये कंडकटर सी होगयी है झींदगी ..
सफर भी रोझ का है....और जाना भी कही नही.....
सफलता के सात भेद मुजे कमरे के अंदर ही उतर मील गये ..
छत ने कहा उंचे उदेशय रखो..
पंखे ने कहा ठंडे से रहो....
घडी ने कहा हर मीनीट कीमती हे..
शीशे ने कहा कुछ कर ने से पहले अपने अंदर जाख लो..
खीडकी ने कहा दुनिया को देखलो ......
कैलेंडर ने कहा uptodate रहो.. और
दरवाझे ने कहा अपने लकशय को परीयापत रखने के लीये पुरा झोर लगाओ....
सारे सातो के सात मेरे साथ ही थे............
लकीरे भी बडी अजीब होती हे...
माथे पे खीचजाये तो कीसमत बना बना देती हे..
जमीन पे खीचजाये तो सरहदे बना देती हे..
खाल पे खीचजाये तो खुन ही नीकाल देती हे.......और
रिशते पे खीचजाये तो दिवार बना देती हे....
एक रूपैया एक लाख नही होता.......मगर फीरभी
एक रूपैया एक लाख मे से नीकल जाये तो वो लाख भी नही रेहता....
हम उनही लाखो दोसतो मे से एक वही रूपये हे...
संभाल कर रखना बाकी सब मोह माया हे..
चिड़िया जब जीवित रहती है
तब वो चिंटी को खाती है
चिड़िया जब मर जाती है तब
चींटिया उसको खा जाती है।
इसलिए इस बात का ध्यान रखो की समय और
स्तिथि कभी भी बदल सकते है.
इसलिए कभी किसी का अपमान मत करो
कभी किसी को कम मत आंको।
तुम शक्तिशाली हो सकते हो पर समय तुमसे भी
शक्तिशाली है।
एक पेड़ से लाखो माचिस की तीलिया बनाई जा
सकती है
पर एक माचिस की तिल्ली से लाखो पेड़ भी जल
सकते है।
कोई चाहे कितना भी महान क्यों ना हो जाए,
पर कुदरत कभी भी किसी को महान बनने का
मौका नहीं देती।
मत करना कभी भी ग़ुरूर अपने आप पर 'ऐ इंसान'
भगवान ने तेरे और मेरे जैसे कितनो को मिट्टी से
बना के, मिट्टी में मिला दिए ।
इंसान दुनिया में तीन चीज़ो के लिए मेहनत करता
है
1-मेरा नाम ऊँचा हो .
२ -मेरा लिबास अच्छा हो .
3-मेरा मकान खूबसूरत हो ..
लेकिन इंसान के मरते ही भगवान उसकी तीनों
चीज़े
सबसे पहले बदल देता है
१- नाम = (स्वर्गीय )
२- लिबास = (कफन )
३-मकान = ( श्मशान )
जीवन की कड़वी सच्चाई जिसे हम समझना नहीं
चाहते
ये चन्द पंक्तियाँ
जिसने भी लिखी है
खूब लिखी है
एक पथ्थर सिर्फ एक बार मंदिर जाता है और
भगवान बन जाता है ..
इंसान हर रोज़ मंदिर जाते है फिर भी पथ्थर ही
रहते है ..!!
NICE LINE
एक औरत बेटे को जन्म देने के लिये अपनी सुन्दरता
त्याग देती है.......
और
वही बेटा एक सुन्दर बीवी के लिए अपनी माँ को
त्याग देता है
********[**********]*****
जीवन में हर जगह
हम "जीत" चाहते हैं...
सिर्फ फूलवाले की दूकान ऐसी है
जहाँ हम कहते हैं कि
"हार" चाहिए।
क्योंकि
हम भगवान से
"जीत" नहीं सकते।
�����
धीमें से पढ़े बहुत ही
अर्थपूर्ण है यह मेसेज...
हम और हमारे ईश्वर,
दोनों एक जैसे हैं।
जो रोज़ भूल जाते हैं...
वो हमारी गलतियों को,
हम उसकी मेहरबानियों को।
………………………………………
जो चाहा कभी पाया नहीं,
जो पाया कभी सोचा नहीं,
जो सोचा कभी मिला नहीं,
जो मिला रास आया नहीं,
जो खोया वो याद आता है
पर
जो पाया संभाला जाता नहीं ,
क्यों
अजीब सी पहेली है ज़िन्दगी
जिसको कोई सुलझा पाता नहीं…
जीवन में कभी समझौता करना पड़े तो कोई बड़ी बात
नहीं है,
क्योंकि,
झुकता वही है जिसमें जान होती है,
अकड़ तो मुरदे की पहचान होती है।
ज़िन्दगी जीने के दो तरीके होते है!
पहला: जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो.!
दूसरा: जो हासिल है उसे पसंद करना सीख लो.!
जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष कोई
महान नहीं होता.!
जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है;
कभी हंसती है तो कभी रुलाती है; पर जो हर हाल में
खुश रहते हैं; जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है।
चेहरे की हंसी से हर गम चुराओ; बहुत कुछ बोलो पर
कुछ ना छुपाओ;
खुद ना रूठो कभी पर सबको मनाओ;
राज़ है ये जिंदगी का बस जीते चले जाओ।
“गुजरी हुई जिंदगी को
कभी याद न कर,
तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फर्याद न कर…
जो होगा वो होकर रहेगा,
तु कल की फिकर मे
अपनी आज की हसी बर्बाद न कर…
हंस मरते हुये भी गाता है
और
मोर नाचते हुये भी रोता है….
ये जिंदगी का फंडा है बॉस
दुखो वाली रात
निंद नही आती
और
खुशी वाली रात
.कौन सोता है…
………�
“गुजरी हुई जिंदगी को
कभी याद न कर,
तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फर्याद न कर…
जो होगा वो होकर रहेगा,
तु कलकी फिकर मे
अपनी आज की हसी बर्बाद न कर…
हंस मरते हुये भी गाता है
और
मोर नाचते हुये भी रोता है….
ये जिंदगी का फंडा है बॉस
दुखो वाली रात
निंद नही आती
और
खुशी वाली रात
.कौन सोता है
” लब्ज़ ही ऐसी चीज़ है
जिसकी वजह से इंसान
या तो दिल में उतर जाता है
या दिल से उतर जाता है ”
ज़िन्दगी के इस कश्मकश मैं
वैसे तो मैं भी काफ़ी बिजी हुँ ,
लेकिन वक़्त का बहाना बना कर ,
अपनों को भूल जाना मुझे आज भी नहीं आता !
जहाँ यार याद न आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की, बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है ,
पर जहाँ से अपना दोस्त ना दिखे
वो ऊंचाई किस काम की ..
सामने मन्जिल थी,
पीछे थी आवाज उसकी,
रुकते तो सफर छुट जाता,
चलते तो उससे भिछड जाते,
मन्जिल कि भी हसरत थी,
ओर उससे मुहोब्बत भी,
एेदिल ये बता मुझको
उस वक्त मे कहाँ जाता,
मुद्दत का सफर भी था,
ओर बर्षो कि चाहत भी थी,
रुकते तो बिखर जाते,
चलते तो दिल टूट जाते,
यु समझ लो की ……
लगी प्यास गज़ब कि थी,
ओर पानी मे भी ज़हर था,
पीते तो मर जाते,
ओर न पीते तो भी मर जाते….!!!!
__________________________
वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ…..
पर अपनों का पता चलता है,
वक़्त के साथ…
वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ,
पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के साथ…!!!
����
मनुष्य कितना मूर्ख है |
प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सब सुन रहा है,
पर निंदा करते हुए ये भूल जाता है।
पुण्य करते समय यह समझता है कि भगवान देख रहा है,
पर पाप करते समय ये भूल जाता है।
दान करते हुए यह समझता है कि भगवान सब में बसता है,
पर चोरी करते हुए ये भूल जाता है।
प्रेम करते हुए यह समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है,
पर नफरत करते हुए ये भूल जाता है।
………और हम कहते हैं कि मनुष्य सबसे बुद्धिमान प्राणी है।
*****
क़दर किरदार की होती है,
वरना…
कद में तो साया भी
इंसान से बड़ा होता
*****
औरत कोई भी हो …किसी भी कौम की हो….
किसी भी मुल्क की हो… दुश्मन की हो… दोस्त की हो..।
उसकी इज्जत होनी चाहिए…
------------------------------------------*--------------------------
सामने हो #मंजिल तो
रास्ता ना मोड़ना;
जो मन में हो वो ख्वाब ना तोड़ना;
हर कदम पे मिलेगी कामयाबी तुम्हें;
बस सितारे छूने के लिए कभी
ज़मीन ना छोड़ना;
जिन्दगी कदम-कदम पर आपसे
आपकी पहचान माँगती है:
पर जिस दिन आपकी मुलाकात
#कामयाबी से होती है,
पहचान के मायने ही बदल जाते हैं..!!
एक बार इंसान ने कोयल से कहा -
"तूं काली ना होती तो
कितनी अच्छी होती"
सागर से कहा:-
"तेरा पानी खारा ना होता तो
कितना अच्छा होता"
गुलाब से कहा:-
"तुझमें काँटे ना होते तो
कितना अच्छा होता"
तब तीनों एक साथ बोले:-
"हे इंसान अगर तुझमें
दुसरो की कमियाँ देखने की आदत
ना होती तो तूं कितना अच्छा होता"
ज़िन्दगी पल-पल ढलती है,
जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है…
शिकवे कितने भी हो हर पल,
फिर भी हँसते रहना…
क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है,
बस एक ही बार मिलती है।
_______Sssss__________
लौट जाता हु वापस घर की तरफ हर रोझ थका हारा................
आज तक समझ नही आया काम करने के लीये जीता हु या जीने के लीये काम करता हु....
बचपन मे सबसे अधीक बार पुछा गया सवाल था की बडे होके कया बनना हे...
जवाब आज मीला...
फीरसे बचा बनना हे........
थक गया हु ए झींदगी तेरी नोकरी से....
मुनासीब होगा मेरा हीसाब करदे....
दोसतो से बीछड कर ये हकीकत खुली....
बेशक कमीने थे पर रोनक उनही से थी...
भरी जेब से दुनिया की पहेचान करवाई और खाली जेब से अपनो की...
जब लगे पैैसे कमाने तो समझ आया की शौख तो मााँ- बाप के पैसो से पुरे होते थे. अपने पैसो से तो सीरफ जरुरते ही पुरी हो पाती है...
हसने की ईछा नाहो तो भी हसना पडता हे..
कोई जब पुछै कैसे हो तो मझे मे हु कहेना पडता है....
ये झींदगी का रंग मंच हे दोसतो यहा हर एक को नाटक करना पडता हे ....
मांचीस की जरुरत यहा नही पडती यहा आदमी आदमी से जलता है..
दुनीया के सबसे बडे साईंटीस ये ढुंढ रहे है की मंगल गरह बर जीवन है या नही ....
पर आदमी ये कयु नही ढुंढ रहा है की जीवन मे मंगल है या नही .............
मंदीर मे फुल चढाने आये तो ये एहसास हुआ की पथर को मनाने मे फुलो का कतल कर आये हम ....
गये थे गुनाहो की माफी मांगने वहा एक ओर गुनाह कर आये हम....
नींद और मौत मे कया फरक है......
कीसी ने कया खुबसुरत जवाब दीया है....
नींद आधी मौत है और मौत मुकमल नींद है.....
झींदगी तो अपने ही तरीके से चलती है...
औरो के सहारे तो जनाझे उठा कर ते है....
सुबह होती है शााम होती है...
उमर युं ही तमाम होती है...
कोइ रोकर दील बहला ता है
कोइ हसकर दरद छुपाता है
कया करामात है कुदरत की...
झींदा इंसान पानी मे डुबता है.... और
मुरदा तैर के दीखता है......
बस ये कंडकटर सी होगयी है झींदगी ..
सफर भी रोझ का है....और जाना भी कही नही.....
सफलता के सात भेद मुजे कमरे के अंदर ही उतर मील गये ..
छत ने कहा उंचे उदेशय रखो..
पंखे ने कहा ठंडे से रहो....
घडी ने कहा हर मीनीट कीमती हे..
शीशे ने कहा कुछ कर ने से पहले अपने अंदर जाख लो..
खीडकी ने कहा दुनिया को देखलो ......
कैलेंडर ने कहा uptodate रहो.. और
दरवाझे ने कहा अपने लकशय को परीयापत रखने के लीये पुरा झोर लगाओ....
सारे सातो के सात मेरे साथ ही थे............
लकीरे भी बडी अजीब होती हे...
माथे पे खीचजाये तो कीसमत बना बना देती हे..
जमीन पे खीचजाये तो सरहदे बना देती हे..
खाल पे खीचजाये तो खुन ही नीकाल देती हे.......और
रिशते पे खीचजाये तो दिवार बना देती हे....
एक रूपैया एक लाख नही होता.......मगर फीरभी
एक रूपैया एक लाख मे से नीकल जाये तो वो लाख भी नही रेहता....
हम उनही लाखो दोसतो मे से एक वही रूपये हे...
संभाल कर रखना बाकी सब मोह माया हे..
चिड़िया जब जीवित रहती है
तब वो चिंटी को खाती है
चिड़िया जब मर जाती है तब
चींटिया उसको खा जाती है।
इसलिए इस बात का ध्यान रखो की समय और
स्तिथि कभी भी बदल सकते है.
इसलिए कभी किसी का अपमान मत करो
कभी किसी को कम मत आंको।
तुम शक्तिशाली हो सकते हो पर समय तुमसे भी
शक्तिशाली है।
एक पेड़ से लाखो माचिस की तीलिया बनाई जा
सकती है
पर एक माचिस की तिल्ली से लाखो पेड़ भी जल
सकते है।
कोई चाहे कितना भी महान क्यों ना हो जाए,
पर कुदरत कभी भी किसी को महान बनने का
मौका नहीं देती।
मत करना कभी भी ग़ुरूर अपने आप पर 'ऐ इंसान'
भगवान ने तेरे और मेरे जैसे कितनो को मिट्टी से
बना के, मिट्टी में मिला दिए ।
इंसान दुनिया में तीन चीज़ो के लिए मेहनत करता
है
1-मेरा नाम ऊँचा हो .
२ -मेरा लिबास अच्छा हो .
3-मेरा मकान खूबसूरत हो ..
लेकिन इंसान के मरते ही भगवान उसकी तीनों
चीज़े
सबसे पहले बदल देता है
१- नाम = (स्वर्गीय )
२- लिबास = (कफन )
३-मकान = ( श्मशान )
जीवन की कड़वी सच्चाई जिसे हम समझना नहीं
चाहते
ये चन्द पंक्तियाँ
जिसने भी लिखी है
खूब लिखी है
एक पथ्थर सिर्फ एक बार मंदिर जाता है और
भगवान बन जाता है ..
इंसान हर रोज़ मंदिर जाते है फिर भी पथ्थर ही
रहते है ..!!
NICE LINE
एक औरत बेटे को जन्म देने के लिये अपनी सुन्दरता
त्याग देती है.......
और
वही बेटा एक सुन्दर बीवी के लिए अपनी माँ को
त्याग देता है
********[**********]*****
जीवन में हर जगह
हम "जीत" चाहते हैं...
सिर्फ फूलवाले की दूकान ऐसी है
जहाँ हम कहते हैं कि
"हार" चाहिए।
क्योंकि
हम भगवान से
"जीत" नहीं सकते।
�����
धीमें से पढ़े बहुत ही
अर्थपूर्ण है यह मेसेज...
हम और हमारे ईश्वर,
दोनों एक जैसे हैं।
जो रोज़ भूल जाते हैं...
वो हमारी गलतियों को,
हम उसकी मेहरबानियों को।
………………………………………
जो चाहा कभी पाया नहीं,
जो पाया कभी सोचा नहीं,
जो सोचा कभी मिला नहीं,
जो मिला रास आया नहीं,
जो खोया वो याद आता है
पर
जो पाया संभाला जाता नहीं ,
क्यों
अजीब सी पहेली है ज़िन्दगी
जिसको कोई सुलझा पाता नहीं…
जीवन में कभी समझौता करना पड़े तो कोई बड़ी बात
नहीं है,
क्योंकि,
झुकता वही है जिसमें जान होती है,
अकड़ तो मुरदे की पहचान होती है।
ज़िन्दगी जीने के दो तरीके होते है!
पहला: जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो.!
दूसरा: जो हासिल है उसे पसंद करना सीख लो.!
जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष कोई
महान नहीं होता.!
जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है;
कभी हंसती है तो कभी रुलाती है; पर जो हर हाल में
खुश रहते हैं; जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है।
चेहरे की हंसी से हर गम चुराओ; बहुत कुछ बोलो पर
कुछ ना छुपाओ;
खुद ना रूठो कभी पर सबको मनाओ;
राज़ है ये जिंदगी का बस जीते चले जाओ।
“गुजरी हुई जिंदगी को
कभी याद न कर,
तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फर्याद न कर…
जो होगा वो होकर रहेगा,
तु कल की फिकर मे
अपनी आज की हसी बर्बाद न कर…
हंस मरते हुये भी गाता है
और
मोर नाचते हुये भी रोता है….
ये जिंदगी का फंडा है बॉस
दुखो वाली रात
निंद नही आती
और
खुशी वाली रात
.कौन सोता है…
………�
“गुजरी हुई जिंदगी को
कभी याद न कर,
तकदीर मे जो लिखा है
उसकी फर्याद न कर…
जो होगा वो होकर रहेगा,
तु कलकी फिकर मे
अपनी आज की हसी बर्बाद न कर…
हंस मरते हुये भी गाता है
और
मोर नाचते हुये भी रोता है….
ये जिंदगी का फंडा है बॉस
दुखो वाली रात
निंद नही आती
और
खुशी वाली रात
.कौन सोता है
” लब्ज़ ही ऐसी चीज़ है
जिसकी वजह से इंसान
या तो दिल में उतर जाता है
या दिल से उतर जाता है ”
ज़िन्दगी के इस कश्मकश मैं
वैसे तो मैं भी काफ़ी बिजी हुँ ,
लेकिन वक़्त का बहाना बना कर ,
अपनों को भूल जाना मुझे आज भी नहीं आता !
जहाँ यार याद न आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते न बने तो खुदाई किस काम की, बेशक अपनी मंज़िल तक जाना है ,
पर जहाँ से अपना दोस्त ना दिखे
वो ऊंचाई किस काम की ..
सामने मन्जिल थी,
पीछे थी आवाज उसकी,
रुकते तो सफर छुट जाता,
चलते तो उससे भिछड जाते,
मन्जिल कि भी हसरत थी,
ओर उससे मुहोब्बत भी,
एेदिल ये बता मुझको
उस वक्त मे कहाँ जाता,
मुद्दत का सफर भी था,
ओर बर्षो कि चाहत भी थी,
रुकते तो बिखर जाते,
चलते तो दिल टूट जाते,
यु समझ लो की ……
लगी प्यास गज़ब कि थी,
ओर पानी मे भी ज़हर था,
पीते तो मर जाते,
ओर न पीते तो भी मर जाते….!!!!
__________________________
वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ…..
पर अपनों का पता चलता है,
वक़्त के साथ…
वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ,
पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के साथ…!!!
����
मनुष्य कितना मूर्ख है |
प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सब सुन रहा है,
पर निंदा करते हुए ये भूल जाता है।
पुण्य करते समय यह समझता है कि भगवान देख रहा है,
पर पाप करते समय ये भूल जाता है।
दान करते हुए यह समझता है कि भगवान सब में बसता है,
पर चोरी करते हुए ये भूल जाता है।
प्रेम करते हुए यह समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है,
पर नफरत करते हुए ये भूल जाता है।
………और हम कहते हैं कि मनुष्य सबसे बुद्धिमान प्राणी है।
*****
क़दर किरदार की होती है,
वरना…
कद में तो साया भी
इंसान से बड़ा होता
*****
औरत कोई भी हो …किसी भी कौम की हो….
किसी भी मुल्क की हो… दुश्मन की हो… दोस्त की हो..।
उसकी इज्जत होनी चाहिए…
------------------------------------------*--------------------------
सामने हो #मंजिल तो
रास्ता ना मोड़ना;
जो मन में हो वो ख्वाब ना तोड़ना;
हर कदम पे मिलेगी कामयाबी तुम्हें;
बस सितारे छूने के लिए कभी
ज़मीन ना छोड़ना;
जिन्दगी कदम-कदम पर आपसे
आपकी पहचान माँगती है:
पर जिस दिन आपकी मुलाकात
#कामयाबी से होती है,
पहचान के मायने ही बदल जाते हैं..!!
एक बार इंसान ने कोयल से कहा -
"तूं काली ना होती तो
कितनी अच्छी होती"
सागर से कहा:-
"तेरा पानी खारा ना होता तो
कितना अच्छा होता"
गुलाब से कहा:-
"तुझमें काँटे ना होते तो
कितना अच्छा होता"
तब तीनों एक साथ बोले:-
"हे इंसान अगर तुझमें
दुसरो की कमियाँ देखने की आदत
ना होती तो तूं कितना अच्छा होता"




